सरसों का तेल (sarso ka tel) हर घर में इस्तेमाल होता है। पुराने समय से ही आयुर्वेद में इस तेल का एक महत्वपूर्ण स्थान है। इसे कड़वा तेल के नाम से भी जाना जाता है। इसमें ऐसे बहुत सारे गुण होते हैं, जो आपकी आपकी स्किन, हेल्थ, हेयर के लिए बहुत लाभकारी होते है। साथ ही यह बहुत ही पौष्टिक भी होता है। सरसों के तेल में 60% मोनोअनसेचुरेटेड फैटी एसिड (Monounsaturated fatty acids) होता है जिसमें 42% इरुसिक एसिड (Erucic acid) और 12% ओलेक एसिड (oleic acid) होता है। इसमें 21% पोलीअनसेचुरेटेड (polyunsaturates) होता है। जिसमें से 6% ओमेगा-3 (Omega3) अल्फा-लिनोलेनिक एसिड (Omega- 3 alpha-linolenic acid) और 15% ओमेगा 6 लिनोलेनिक एसिड (Omega-6 linoleic acid) होता है और 12% संतृप्त वसा (Saturated fat) होता है।

सरसों का तेल हमारे स्वास्थ्य और सुन्दरता के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। इसे ‘करामाती तेल’ भी कहा जा सकता है। सरसों के तेल (mustard oil) का उपयोग बहुत पहले से खाने व शरीर पर लगाने में भी किया जाता है; आइये जानते हैं सरसों तेल के लाभ के बारे में:

एक अच्छा दर्दनाशक

सरसों के तेल में दर्दनाशक गुण होते हैं इसलिए यह कई तरह के दर्द से निजात दिलाने योग्य है। यदि कान का दर्द सताए तो दो बूंद गुनगुना सरसों का तेल कान में टपकाएं। चाहे तो इसमें दो चार कलियां लहसुन की भी मिलाकर गर्म कर सकते हैं। यदि गठिया दर्द से परेशान हों तो सरसों के तेल में कपूर मिलाकर मालिश करने से दर्द राहत मिलती है। यदि कमर दर्द हो तो सरसों के तेल में थोड़ी हींग, अजवाइन और लहसुन मिलाकर गर्म कर लें और उसे कमर पर लगाएं। पिंडलियों का दर्द हो तो सरसो के तेल को गुनगुना करके मालिश करना चाहिए।

अस्थमा को कंट्रोल करने के लिए (To control asthma)

सरसों के बीज में सेलेनियम और मैग्नीशियम (Selenium and magnesium) ज़्यादा मात्रा में पाया जाता है। सरसों के तेल में बना हुआ भोजन लेने से आपको अस्थमा की तकलीफ से राहत मिलेगी।

वजन कम करे (to Lose weight)

सरसों के बीज में बी-कॉम्पलेक्स विटामिन जैसे-फोलेट (Folate), थियामाइन (Thiyamain), नियासिन (niacin) और रिबोफ्लाविन (riboflavin) होते हैं। सरसों का तेल हमारी बॉडी के मेटाबॉल्जिम (Metabolism) को बढ़ाता है, जिससे वजन कम करने में आसानी होती है।

भूख बढाए (Increases appetite)

जिन लोगों को भूख कम लगती है या भूख न लगती हो तो सरसों का तेल आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। अपने खाने में सरसों के तेल का इस्तेमाल करें। क्योंकि यह तेल हमारे पेट में ऐपिटाइजर के रूप में काम करता है जिससे भूख बढ़ने लगती है।

दिल की बीमारी दूर भगाए

सरसों के तेल का नियमित इस्तेमाल करने से कोरोनरी हार्ट डिसीज (Coronary heart disease) का खतरा कम होता है। जिन्हें दिल की बीमारी की समस्या हो वे सरसों का तेल खाने में इस्तेमाल करें।

बढ़ती उम्र को रोके

सरसों के तेल में विटामिन A, C और K की अधिक मात्रा होती है जो बढ़ती हुई उम्र से होने वाले झुर्रिंयां यानि रिंकल और निशान आदि को दूर करती है। सरसों का तेल एंटीआक्सीडेंट भी होता है। जिससे त्वचा टाइट बनी रहती है।

कैंसर को रोके

सरसों के तेल में कैंसर को रोकने वाला गुण ग्लुकोजिलोलेट (Gluko Jilolet) होता है। जो कैंसर के टयूमर व गांठ को शरीर में बनने से रोकता है। साथ ही किसी भी तरह के कैंसर को शरीर पर लगने नहीं देता है।

दांत की तकलीफ कम करे

यदि दातों में दर्द हो रहा हो तो सरसों के तेल में नमक मिलाकर दांतों पर रगड़ें। आपको राहत मिलेगी। साथ ही दांत भी मजबूत बनेगें।

शारीरिक क्षमता को बढ़ाता है (Enhances physical ability)

सरसों का तेल शरीर की क्षमता बढ़ाने में एक दवा का काम करता है। शरीर की कमजोरी को दूर करने के लिए और उसकी क्षमता को बढ़ाने के लिए सरसों के तेल की मालिश के बाद नहाने से त्वचा और शरीर दोनों स्वस्थ रहते हैं।

सौंदर्यवर्धक

सरसों का तेल काफी सौन्दर्यवर्धक है। यदि चेहरे पर कील मुंहासे, झाइयां, झुर्रियां हो तो सरसों का तेल बड़े काम की चीज है। सरसों के तेल से मालिश करने से शरीर पर झुर्रियां नहीं पड़ती।

स्वस्थ्य त्वचा के लिए (For healthy skin)

सरसों का तेल त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद है। सरसों के तेल में विटामिन ई की मात्रा अधिक होती है जो आपकी त्वचा को अल्ट्रावाइलेट किरणों से बचाती है। इसमें एंटी बैक्टीरियल तथा एंटी फंगल गुण मौजूद होते हैं। जब भोजन के माध्यम से सरसों के तेल का सेवन किया जाता है तो यह पाचन प्रणाली के सारे अंगों जैसे पेट, अंतडिय़ों और यूरिनरी ट्रैक्ट की इंफैक्शन से हमारा बचाव करता है। इसका इस्तेमाल एंटी बैक्टीरियल तेल के तौर पर भी किया जाता है। फंगल इंफैक्शन से बचने के लिए इसे सीधा त्वचा पर लगाया जा सकता है।

लंबे बालों के लिए (For long hair)

सरसों के तेल से सिर पर मालिश करने से बाल तेजी से बढ़ते हैं। साथ ही यह ब्लड सर्कुलेशन (Blood Cirulation) को भी बढ़ाता है। सरसों का तेल बालों को पोषण देता है जिससे बाल झड़ने भी कम हो जाते हैं। इसमें विटामिन ए, विटामिन ई, प्रोटीन्स और एंटी आक्सीडैंट्स भी मौजूद होते हैं। ये सारे तत्व इसे बालों के लिए लाभदायक बनाते हैं। इस तेल की बालों पर मालिश एक प्राकृतिक कंडीशनर के तौर पर काम करती है और इससे बाल सिल्की और सॉफ्ट बनते हैं। सफेद बालों से परेशान लोगों के लिए सरसों का तेल किसी दवा से कम नहीं है। सरसों का तेल नियमित लगाने से भूरे बाल काले होने लगते हैं। रात को सोने से पहले नियमित सरसों का तेल लगाएं। थोड़े ही दिनों में बालों का रंग काला होने लगेगा। इसके साथ ही अगर आप सरसों भी हेयर पैक तरह बालों में लगाते हैं तो सफ़ेद बालों से छुटकारा मिलेगा और तेज़ी से झड़ते बालों से निजात।

कुछ और लाभ:

*नाक में हर रोज़ नियमित रूप से 5 दिन तक सरसों के तेल की 8 बूँदें डालने से माइग्रेन आधा दर्द बंद हो जाता है। तेल को नाक में उसी तरफ डालें जिस तरफ सिर में दर्द हो।

*पेट में गैस बनने से सरसों के तेल से नाभि के चारो और मालिश करने से लाभ होता है।

*2 बूँद सरसों का तेल 2 बूँद नीबू का रस और एक चुटकी सेंधा नमक मिलाकर दांत साफ करने से दाँत दर्द ठीक हो जाता है और दाँत चमक जाते है।

*रात को सोते समय पैरो में सरसों के तेल की मालिश करने से थकान दूर होती है और नींद भी अच्छी आती है।

*सरसों के तेल में सेंधा नमक मिलाकर गुनगुना करें। फिर छाती पर मालिश करने से खांसी में आराम मिलता है व कफ आसानी से निकल जाता है।

*रात को सोते समय हाथ, पैर व मुँह, आँख को धोकर फिर पैरों के तलवों पर सरसों के तेल की मालिश प्रतिदिन करे इससे आँखे स्वस्थ हो जाती है।

*नमक, हल्दी को पीसकर सरसों के तेल में मिलाकर रोजाना 3 -4 बार दांतो में लगाने दाँतो में लगे कीड़े मर जाते हैं।

*छोटे बच्चो को खांसी हो जाने पर सरसों के तेल में लहसुन भून कर मालिश करने से सर्दी व खाँसी में आराम मिलता है।

*खाने में सरसों के तेल का प्रयोग करने से कोलस्ट्रोल नियंत्रित रहता है।

ध्यान दें: सरसों के तेल को अधिक देर तक गरम होने के परिणामस्वरूप तेल में ओमेगा-3 (Omega3) समाप्त हो जाता है। इसीलिए इसे ज्यादा गर्म ना करें, सिर्फ गुनगुना ही इस्तेमाल करें।