केमिकल पील के बारे में आपने तो सुना ही होगा। अगर आप ब्‍यूटी पार्लर जाती हैं, और अलग-अलग तरह के फेशियल करवाने का शौक रखती हैं, तो आपने कैमिकल पील फेशियल के बारे में भी जरुर सुना होगा। कैमिकल पील फेशियल काफी असरदार और कम साइड इफेक्‍ट वाला फेशियल होता है। त्वचा के पील्स से आपके चेहरे की मृत कोशिकाएं बाहर निकल जाती हैं। यह रूखी त्वचा, झुर्रियां, महीन रेखाएं और मुहांसों के दाग को भी दूर करता है। पील का निर्माण करने के लिए नैचुरल एसिड्स (acids) और कैमिकल्स का मिश्रण करना पड़ता है। कैमिकल पील से झुर्रियों, महीन रेखाओं और उम्र के अन्य निशानों को दूर किया जाता है। यह स्ट्रेच मार्क्स को काफी कम कर देता है, उम्र के निशानों को मिटाता है। साथ ही दाग धब्बे और अशुद्धियों को भी दूर करता है।

वे लड़के/लड़कियां जिनके चेहरे पर मुंहासे, दाग-धब्‍बे या झाइयां हैं, उनके लिये कैमिकल पील फेशियल या कैमिकल पील काफी लाभदायक होती है।

क्‍या है कैमिकल पील (What is Chemical Peel)

कैमिकल पील्स (chemical peels) एक प्रकार की कॉस्मेटिक प्रक्रिया (cosmetic procedure) है, जिसे चेहरे की रंगत में सुधार करने के लिए अपनाया जाता है | कैमिकल फेशियल में टॉक्‍सिक कैमिकल मिश्रण को नियंत्रित तरीके से त्‍वचा में डाल कर कोशिकाओं को ठीक किया जाता है। इससे चेहरे के निशान और घाव आदि ठीक हो जाते हैं। साथ ही त्‍वचा में एक अलग सी चमक आ जाती है।

कितने प्रकार के होते हैं कैमिकल पील्‍स (Types of Chemical Peels)

कैमिकल पील आपकी स्‍किन डैमेज की गहराई पर डिपेंड होते हैं। सुपरफेशियल, मीडियम और डीप होते हैं। ज्यादातर सुपरफेशियल, और मीडियम डेप्थ वाली पील्स अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड होती हैं। जैसे कि ग्लाइकॉलिक एसिड, मैंडेलिक एसिड, कॉजिक एसिड और लैक्टिक एसिड। असल में, ये पील्स हमारी सुपरफेशियल हाइपरपिग्मेंटेड स्किन को रिमूव करती हैं। ऐसा नहीं है कि केमिकल पीलिंग केवल स्किन की वाइटनिंग और ब्राइटनिंग के लिए इस्तेमाल की जाती हैं। बल्कि इनका उपयोग एक्ने ट्रीटमेंट के लिए भी किया जाता है। सैलिसिलिक एसिड पील्स एक्ने के लिए ही हैं।

क्यों हैं जरूरी? (Why Chemical Peel are Important?)

बढती उम्र के साथ हमारी स्किन में कई चेंज आते हैं, जिसके चलते यह डैमेज होने लगती है। रिंकल्स और लाइन भी दिखने लगती है। ऐसे में कैमिकल पील से फेशियल स्किन की डैमेज हो चुकी बाहरी लेयर निकल जाती है और चेहरा वापस ग्लो करने लगता है। वे लोग जिन्‍हें अक्‍सर मुंहासे, दाग धब्‍बे या पिगमेंटेशन की अधिक समस्‍या रहती है, उनके लिये यह अच्‍छा माना जाता है। यदि सूरज की तेज़ किरणों की वजह से चेहरे पर बारीक लाइनें आ गई हैं तो वह दूर हो जाती है। सन एक्सपोजर के चलते जो टैनिंग हो जाती है, वह भी पीलिंग से ठीक हो जाती है। इसके अलावा, रफ या ड्राई स्किन को स्मूद बनाने में भी पीलिंग का रोल बेहद असरदार है।

ये किस तरह काम करता है? (How does it work?)

आपकी त्वचा की जरूरत के हिसाब से एक कैमिकल सॉल्यूशन स्किन पर लगाया जाता है। ये दो तरह से काम करेगा आपकी स्किन की डेड लेयर को निकालेगा, जिससे स्‍किन साफ हो जाएगी। या फिर यह डेड या पुरानी हो चुकी सेल्‍स में फिर से जान डालता है, जिससे त्‍वचा दमकने लगती है।

किन्हें नहीं करवाना चाहिए

प्रेगनेंट महिलाओं को, एक्जिमा या त्वचा की अन्य किसी बीमारी के मरीजों को अपने डर्मेटोलॉजिस्ट (Dermatologist) की सलाह के बिना।

क्या हैं फायदे (Benefits)

एंटी-एजिंग, पिगमेंटेशन से छुटकारा पाने के लिए और एक इवेन स्किन टोन पाने के लिए, ऐसी ही कई वजहों के लिए केमिकल पील्स का इस्तेमाल किया जाता है। यहां तक कि जिन्हें और भी कोई स्किन से जुड़ी समस्या है और अगर आपकी स्किन डल है तो केमिकल पील्स एक अच्छा ऑप्शन है, ये आपकी स्किन में शाइन लाएगा।

साइड इफेक्ट (side effect)

कुछ पील्स से इन्फेक्शन और रिएक्शन होने की संभावना होती है, इसीलिए इन्हें काफी ध्यान के साथ इस्तेमाल करें। इसीलिए ये ज़रूरी हो जाता है कि इन्हें इन्स्ट्रक्शन्ज़ (निर्देशों) को फॉलो करके ही इस्तेमाल करें इससे आपकी त्वचा बिल्कुल सुरक्षित रहेगी। ध्यान रखने योग्य बातें इसे इस्तेमाल करने के बाद ध्यान रखें कि बिना किसी प्रोटेक्शन के धूप में ना निकलें। सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें और डॉक्टर के इन्स्ट्रक्शन्ज़ को फॉलो करें। रेटिनॉल वाले प्रोडक्ट्स का भी इस्तेमाल ना करें।