मुलेठी (Mulethi or Liquorice) सबसे आसानी से मिलने वाली आयुर्वेदिक औषधि है। मुलेठी एक सूखी लकड़ी की तरह दिखती है। असल में मुलेठी के पौधे के तने का प्रयोग औषधि के रुप में किया जाता है। असली मुलेठी अंदर से पीली, रेशेदार एवं हल्की खुशबू वाली होती है। यह स्‍वाद में शक्‍कर से भी मीठी होती है। मुलेठी को ढूंढने के लिए आपको किसी हर्बल स्टोर को खोजने की कोई जरुरत नहीं है। आप इसे आसानी से किराने की दुकान से भी खरीद सकते है। अब बाज़ार में मुलेठी पाउडर भी मिलते हैं। मुलेठी स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक होती है

आइये जानते हैं मुलेठी के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ के बारे में:

पेट के अल्सर के लिए (Mulethi for Gastric Ulcer)

पेट के अल्सर या गैस्ट्रिक अल्सर की इलाज में मुलेठी का इस्तेमाल दवा के रुप में किया जाता है। इसमें कार्बेनोक्सऑलोने (carbenoxolone) नाम का एक तत्व होता है, जो गैस्ट्रिक अल्सर के घावों को ठीक करने में मददगार होता है। कार्बेनोक्सऑलोने पेट में आसानी से घुल जाती है और अल्सर का इलाज करती है।

घावों को भरने में मददगार (Mulethi for Would Healing)

मुलेठी के बारीक पाउडर को मक्खन, घी या फिर शहद के साथ मिलाकर घावों पर लेप लगाने से घाव जल्दी भर जाते हैं।

कफ और दमा के लिए रामबाण (Mulethi for Cough and Asthma)

Glycyrrhiza एक ऐसा रसायनिक तत्व है जो दमा, कफ और ब्रोंकाइटिस (Bronchitis) की दवा में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। मुलेठी में Glycyrrhiza काफी मात्रा में पाई जाती है, जिसे मुंह में लेकर चबाने से गला सूखता नहीं और गले की खराश दूर होती है। इसे चबाने से गले के अंदर थूक भी बनती है। ये आपके छाती नसों में जमे अशुद्ध पदार्थों को दूर कर आपकी सांस लेने की समस्या से आपको निजात दिलाता है। इसका रस आपके गले, श्वास नली, छाती और पेट सबके लिए फायदेमंद सिद्ध होता है।

कोलेस्ट्रॉल कम करने और दिल की बीमारी में (Mulethi to Control Cholesterol Level)

दिल की बीमारी को ठीक करने में भी मुलेठी का सेवन काफी असरदार होती है। मुलेठी की जड़ को खाने से कोलेस्ट्रॉल और ट्रिगील्सेराइड (Trigylceride) में काफी कमी आती है, जिससे हार्ट अटैक से बचा जा सकता है।

एंटी-बैक्टीरियल गुण (Anti Bacterial)

ये एक प्रकार की एंटीबायोटिक भी है इसमें बैक्टिरिया से लड़ने की क्षमता पाई जाती है। यह शरीर के अंदरुनी चोटो को भी कम करती है। बुखार में कई बार तेज़ एंटीबॉयटिक खानी पड़ जाती है, जो की लीवर और किडनी के लिए काफी हानिकारक होती है। यदि इन दवाओं के साथ साथ सुबह-शाम मुलेठी का उबला हुआ पानी चाय की तरह पिया जाये तो हानि होने से बच जाती है। दवाओं के असर से जो कमजोरी आ जाती है वो भी इससे दूर होती है और ये भूख जगाने में भी सहायक होती है। यह अन्दरूनी चोटों में भी फायदा करती है।

एस्प्रीन गोली के ज्यादा सेवन से हुए अल्सर (Mulethi for Ulcer caused by Aspirin Side Effects)

दर्द से छुटकारा पाने के लिए एस्प्रीन की गोली ज्यादा खाने से पेट में अल्सर के साथ खून भी रिसने लगती है। ऐसी परिस्थिति में अगर एस्प्रीन गोली के साथ मुलेठी का सेवन किया जाए तो अल्सर के खतरे को कम किया जा सकता है। मुलेठी पेट की उत्तकों (tissue) को मजबूत बनाती है।

लीवर को मजबूत करे (Make Liver Strong)

मुलेठी के सेवन से लीवर काफी मजबूत होती है। लीवर में कुछ फ्री रेडिकल डैमेज होते है जिसकी वजह से हेपाटाइटिस बी रोग लोगो को अपना शिकार बना लेता है। इस स्थिति में मुलेठी लीवर में निकलने वाले बाईल जूस के स्त्राव को तेज करने में सहायक होती है ताकि लीवर को इन रोगों से लड़ने की ताकत मिल सके। यह लीवर के अंदर होने वाली फ्री रेडिकल डैमेज को कम करती है। ये जूस शरीर और लीवर दोनों के लिए बहुत लाभकारी होता है। अनेक चिकित्सक भी लीवर के रोग में मुलेठी की ही सलाह देते है।

कब्ज से छुटकारा दिलाने में मददगार (Mulethi for Constipation)

मुलेठी के जड़ काफी नर्म और मुलायम होती है। यह एक लेक्सेटिव (मुलायम करने वाली दवा) के रुप मे काम करती है। बच्चों को अगर कब्ज की शिकायत है तो इसमें मुलेठी के जड़ का चूर्ण काफी असरदार होता है। यदि आप मुलेठी के पाउडर को गुड़ और पानी के साथ लेते हैं तो आपको कब्ज की बीमारी से छुटकारा मिल सकता है।

जोड़ों के दर्द से राहत (Mulethi for Joint Pain)

बड़े-बुजुर्गों के साथ-साथ आजकल युवाओं के भी शरीर के जोड़ों एवं मांसपेशियों में दर्द की शिकायत रहती है। इस दर्द से छुटकारा पाने के लिए मुलेठी का सेवन करें। इसकी जड़ों को पूरी रात पानी में भींगने के लिए छोड़ दें। सुबह में इसके पानी को पीएं। इसे आजमाने से पुराने से पुराने जोड़ों एवं मांसपेशियों के दर्द से काफी हद तक राहत मिलती है।

खून बढायें (Increase Blood Level)

शरीर में कमजोरी, शुष्कता और खून की कमी को दूर करने के लिए भी आप मुलेठी का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसका प्रतिदिन 1 ग्राम सेवन आपके खून में वृद्धि कर आपको लाभ पहुंचाता है और आपको हष्ट पुष्ट रखता है।

ध्यान दें!!!

अगर आपको हाई ब्लडप्रेशर है तो आप मुलेठी का सेवन ना करें। इसके अलावा प्रेगनेंसी के दौरान भी मुलेठी का इस्तेमाल नही करना चाहियें।