वैसे तो सर्दी की वजह से खाँसी होना एक आम बात है। और यह सर्दी वाली खांसी ज्यादा से ज्यादा 2-3 हफ्ते तक ही होती है, इसके बाद यह दवाइयों की मदद से या अपने आप भी चली जाती है। लेकिन अक्सर बनी रहने वाली खाँसी की असली वजह यदि सर्दी नहीं है, तो सावधान हो जाइये। खाँसी ना केवल एक बीमारी है बल्कि कई तरह की बड़ी निमारियों जैसे कि, साँस, फेफड़ों और शरीर के अन्य अंगो से जुड़ी बीमारियों का एक लक्षण है। ज्यादातर साँस और फेफड़ों की बीमारी के मामले में खाँसी एक लक्षण हो सकता है। सामान्य जुकाम से लेकर फेफड़ों के कैंसर तक खांसी की असली वजह हो सकते हैं। इसलिए अक्सर बनी रहने वाली खांसी को हमेशा एक गंभीर लक्षण मानकर उचित इलाज लेना समझदारी है। वैसे तो खाँसी दो तरह की होती है, पहली सूखी खाँसी और दूसरी बलगम वाली खाँसी। इस लेख में हम सूखी खाँसी के बारे में बात कर रहे हैं।

आइये जानते हैं कि ये सूखी खाँसी क्या है?

कभी कभी खाँसी के साथ बलगम या कफ भी निकलता है तो इसे गीली या बलगम वाली खांसी कहते है और अगर खांसी के साथ बलगम नहीं निकलता है और फिर भी आपको बार-बार खांसने के बाद भी ऐसा लगता है कि गले में कुछ अटका सा हुआ है, तो इस तरह की खाँसी को “सूखी खांसी” कहते है। बलगम युक्त खांसी आम तौर पर संक्रमण, न्यूमोनिया या फेफडो के क्षय रोग आदि के कारण होती है। आज कल लोगों को स्‍वास्‍थ्‍य से जुड़ी कई समस्‍याओं का सामना करना पड़ रहा है जिसमें से सूखी खांसी एक आम बीमारी बनती हुई नज़र आ रही है।

सूखी खाँसी के कारण (Dry cough causes)

*वायरल इंफेक्शन(Viral infections)
*फ़्लू (Flu)
*सर्दी (cold)
*स्मोकिंग (Smoking)
*धूल-मिट्टी के संपर्क के कारण
*टीबी, अस्थमा, फेफड़ों की बीमारी जैसी किसी बड़ी बीमारी का होना
*एलर्जी (Allergies)
*एसिड रिफ्लक्स : जी हाँ एसिड रिफ्लक्स को भी सूखी खाँसी का जनक माना गया है
*किसी दवा का साइड इफेक्ट: हाई ब्लडप्रेशर की दवाओं के साइड इफेक्ट की वजह से भी सूखी खाँसी होती है
*तनाव (tension)
*मौसम में आया बदलाव
*ज्यादा सर्दी होना

सूखी खाँसी के लक्षण:

*बिना बलगम के खाँसी आना
*गले में कुछ फंसा हुआ सा लगना

सूखी खाँसी भी दो तरह की होती है:

*काली खाँसी (Whooping cough)
*कुकुर खाँसी

सूखी खाँसी के लिए होने वाले टेस्ट (Test for dry cough):

यदि आपको सूखी खांसी है, तो कुछ इन बातों पर ध्यान देने की कोशिश करें:
आपको कितने समय से खांसी है?
क्या आपने इसके लिए कोई दवाई ली है?, यदि हाँ, तो उसके बारे में लिख लें।
क्या आपकी खांसी में खून आ रहा है?
क्या आपके बुखार है?, गले में दर्द है?, या फिर नाक से पानी आ रहा है?
क्या आप धूम्रपान करते हैं?
क्या आपको साँस लेने में तकलीफ होती है?
क्या आप अभी या पहले में किसी बीमारी से पीडित रहे है?
क्या आपकी खांसी उठने बैठने, व्यायाम करने से, धूल मिट्टी से, या रात के समय या किसी अन्य कारण से घटती या बढती है?
ऊपर दी हुई सारी बातों को नोट कर के रख लें और फिर जब भी डॉक्टर के पास जाएँ तो उन्हें ये सारी बातें बता दें।
इसके बाद डॉक्टर आपकी खाँसी की आवाज की जाँच करेंगे। कुछ मामलों में डॉक्टर अन्य किसी बड़ी बीमारी की जाँच के तौर पर आपकी छाती का एक्स-रे परीक्षण भी कर सकते हैं। इसके बाद सभी बातों की पुष्टि करने के बाद ही आगे का इलाज शुरू होगा।