डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिसका समय पर इलाज ना हो तो यह आँखों, मानसिक स्वास्थ्य (mental health), तनाव, त्वचा संबंधी रोग, नर्वस सिस्टम, ब्लड वेसल्स (Blood Vessels) और हृदय (heart) के साथ-साथ अन्य अंगों को भी नुकसान पहुंचा सकती है। माना कि यह बहुत खतरनाक बीमारी है, लेकिन इससे घबराएं नहीं।
(कहीं आपको डायबिटीज (मधुमेह) तो नहीं: What Is Diabetes Disease, Causes, Symptoms And Diagnosis) इसे समझें और इसके लिए बेहतर उपचार करें। इसकी सही जानकारी ही इस पर काबू करने में मदद करेगी। वैसे तो डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए बहुत सारी दवाइयाँ मौजूद हैं लेकिन जहाँ तक हो सके इस पर प्राकृतिक ढंग से नियंत्रण करने की कोशिश करें। आइये जानते हैं किस तरह जीवनशैली और खान-पान बदलकर डायबिटीज पर काबू किया जा सकता है:

मेथी के बीज (Fenugreek for Diabetes)

मेथी के बीज में ट्राइगोनेलिन (Trygonelin) और कारपाइन नामक घटक पाए जाते हैं, ये आपके भोजन से कार्बोहाइड्रेट का अवशोषण कम करके ब्लड से ग्लूकोज की मात्रा को कम करते हैं। मेथी के बीज बेहद कड़वे होते हैं और इनमें डायबिटीज पर कंट्रोल करने के काफी सारे गुण मौजूद होते हैं। इनमें कुछ ऐसे तत्व मौजूद होते हैं जो ब्लड में बढ़ी हुई शुगर को कम करते हैं। इसमें अमीनो एसिड होता है। यह एसिड पैंक्रियास (pancreas) में इंसुलिन के स्त्राव को उत्तेजित करते हैं। इसकी वजह से ब्लड शुगर शरीर के लिए ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है। मेथी के दानों से एक ओर आपको शरीर के लिए ऊर्जा मिल जाती है वहीं दूसरी ओर शुगर लेवल भी घट जाता है। अगर आपको डायबिटीज है तो एक चम्मच (tsp) मेथी के दाने एक कप पानी में रात भर भिगो कर रखें। सुबह होते ही उसका पानी पीएं। इसे पीने से आपको काफी राहत मिलेगी।

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करेले का रस (Bitter gourd juice for Diabetes)

ताज़े करेले के रस का सेवन करके डायबिटीज कंट्रोल में रखा जा सकता है। यह डायबिटीज का एक प्राकृतिक उपचार है।
करेले में इन्सुलिन-पॉलीपेप्टाइड (Insulin-polypeptide) नाम का बायो-कैमिकल पाया जाता है जो ब्लड-शुगर को कम करने में मदद करता है। यह भी स्वाद में बेहद कड़वा होता है। इसका इस्तेमाल सब्जी बनाने के साथ ही चिकित्सा में भी किया जाता है। करेले के बीज निकालकर इसका रस निकालें और हर रोज़ सुबह खाली पेट इसका सेवन करें। यह आपके पैंक्रियास और लीवर को स्वस्थ रखता है। इंसुलिन का उत्पादन सही करके ब्लड में शुगर लेवल को कंट्रोल करता है।

तुलसी की पत्तियां (Basil leaves)

तुलसी की पत्ती में एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं जो यूग्नोल, मिथाइल यूगेनोल और केरियोफिलीन का उत्पादन करते हैं। ये तत्व पैंक्रियास को उचित रूप से कार्य करने में और इंसुलिन के स्त्राव को नियंत्रित करने में सहायता देते हैं। रोज़ सुबह खली पेट तुलसी की दो तीन पत्तियां लेने से ब्लड शुगर कंट्रोल होता है।

एलोवेरा जूस (Aloe Vera juice for Diabetes)

डायबिटीज के मरीजों को अपने आहार में एलोवेरा जूस जरुर शामिल कर लेना चाहिए। ये इंसुलिन के बनने को कम करता है। एक स्टडी के अनुसार टाइप 2 डायबिटीज रोगियों पर एलोवेरा के काफी सकारात्मक परिणाम सामने आए।

आंवला (Indian gooseberry)

स्वास्थ्य की दृष्टि से आंवला बेहद लाभदायक है। इसमें विटामिन C होता है। डायबिटीज के मरीजों को विटामिन C युक्त खाध्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। हाँ लेकिन मीठे फलों से दूरी बना लेनी चाहिए। एक चम्मच आंवले के रस को एक कप करेले के रस के साथ मिलाकर पीने से ब्लड शुगर लेवल कम होता है।

दालचीनी (Cinnamon benefits for Diabetes)

दालचीनी ब्लड में मौजूद ग्लूकोज के लेवल कम करने में मददगार साबित हुई है। यह डायबिटीज को कम करने में भी सहायता करती है। यह बैड कोलेस्ट्रोल को कम करने के साथ ही ब्लड से ग्लूकोज की मात्रा को भी कम करती है।
दालचीनी का सेवन हमेशा एक निश्चित मात्रा में ही करें यदि आप इसे ज्यादा मात्रा में लेने लगेंगे तो इससे आपको फायदे की जगह पर नुकसान भी हो सकता है। दालचीनी को अपने भोजन में शामिल कर लें या फिर इसे उबालकर इसके पानी को हर रोज पिया करें। हालाँकि इसका इस्तेमाल करने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरुर ले लें।

आइये डायबिटीज के और भी घरेलू उपचार के बारे में संक्षेप में जानते हैं:

*अलसी (Flax seed) का सेवन करें।
*हर रोज कम से कम 2 किलोमीटर जरुर पैदल चलें।
*योग करें।
*नीम की पत्तियां चबाएं।
*अंजीर के पत्तों को या आम के पत्तों को पानी में उबालकर इस पानी को पियें।
*तोरई, लौकी, मूली, टमाटर, गाजर, पुदीना, खीरा, शलजम, ककड़ी, पालक, पोदीना, मेथी, धनिया, पत्तागोभी, फलियां (beans), अदरक, संतरा, सेब, नाशपाती, पपीता, तरबूज, खरबूजा, अमरूद, मौसमी, आदि का सेवन करना भी मधुमेह में लाभदायक है।
*तनाव से दूर रहें।
*मीठे और बाहर के खाध्य पदार्थों का सेवन ना करें।
*काले जामुन को काले नमक के साथ खाएं।
*वजन कंट्रोल में रखें।

आखिर में ! ! !

खाने की मीठी चीज़ों और पैक्ड (Packed) चीज़ों से दूर रहें। यदि कभी मीठा खाने का मन हो तो गुड़ का इस्तेमाल करें।