हम भारतीय पुदीने की पत्तियों का इस्तेमाल खासतौर पर चटनी बनाने में किया करते हैं। खाने के साथ में अगर पुदीने की चटनी हो तो खाने का स्वाद दोगुना बढ़ जाता है। इसके अलावा सलाद, रायता, सूप, जूस और भी पेय पदार्थ बनाने में भी पुदीने का इस्तेमाल किया जाता है। खाने के स्वाद को बढ़ाने के अलावा पुदीने की पत्तियों में ऐसे कई गुण मौजूद हैं जो हमारे स्वास्थ्य और सौन्दर्य दोनों के लिए लाभदायक हैं। पुदीने की पत्तियाँ एंटी-ऑक्सीडेंट्स, पोटेशियम, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इन्फ्लेमेट्री गुणों से भरी होती हैं। इनमे भरपूर मात्रा में मिनरल्स और विटामिन C पाया जाता है। आइये जानते हैं पुदीने के लाभ के बारे में:

पाचन सम्बन्धी लाभ (Digestive benefits)

पुदीने की पत्तियां पाचन में सहायता प्रदान करती हैं। पुदीने की खुशबू हमारे मुंह में लार ग्रंथियों (salivary glands) के साथ ही उन सारी ग्रंथियों को सक्रिय करती है, जो पाचक एंजाइम उत्पन्न करती हैं, जिस वजह से पाचन में सुधार आता है। इसके अलावा ये पेट की बीमारियों में भी आराम दिलाती हैं। यदि आपको पाचन संबंधी कोई तकलीफ है तो आपको पुदीने की चाय पीने से आराम मिलेगा।

पेट दर्द में

पेट दर्द में पुदीने के रस में जीरा, हींग (Asafoetida), कालीमिर्च और नमक डालकर गर्म करके पी लें। आराम मिलेगा।

ब्लडप्रेशर कंट्रोल करने में मददगार (Helps to control blood pressure)

पुदीना हाई और लो ब्लडप्रेशर के लिए काफी उपयोगी है। यदि आपका ब्लडप्रेशर हाई है तो आपको बिना नमक या चीनी के सीधे पुदीने का सेवन करना चाहिए। लो ब्लडप्रेशर के मरीजों को हर रोज़ पुदीने की चटनी का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा पुदीने के रस में सेंधा नमक (rock salt), काली मिर्च और किशमिश डालकर सेवन करने की सलाह दी जाती है।

साँस की बीमारी और खांसी कम करने में सहायक (Helps in Respiratory disease and to reduce cough)

पुदीने की खुशबू सर्दी की वजह से होने वाली बंद नाक, गले और फेंफड़ों को खोलने में कारगर है। पुदीना फेंफड़ों में जमा बलगम को बाहर निकालने में मदद करता है और कफ से होने वाली खांसी और हिचकी से राहत दिलाता है।

दमा से राहत

दमा के रोगियों को हर रोज़ पुदीने के सेवन की सलाह दी जाती है।

जी मचलना कण्ट्रोल करे (Control Nausea with Peppermint Tea, Pudina Ki Chai)

पुदीना की अकेली खुशबू ही आपको सायकोलॉजिकली रिलीफ देने के लिए काफी है। हरे पुदीने की कुछ पत्तियाँ पानी में थोड़ी देर उबालें और फिर इसे चाय की तरह घूँट घूँट कर पियें। इसमें स्वाद जोड़ने के लिए आप इसमें थोड़ी मिश्री डाल सकते/ती हैं। अगर आप चाहें तो इसमें कुछ बूँदें नीम्बू के रस की भी डाल सकते हैं। यह चाय मितली और उसके कारण होने वाले खराब मन को ठीक करने में बहुत लाभकारी है। अगर पुदीने की ताज़ी पत्ती उपलब्ध न हों तो बाजार में उपलब्ध पुदीना फ्लेवर की ग्रीन टी भी उपयोग में ला सकते हैं, लेकिन ताज़ी पत्तियाँ सर्वेश्रेष्ठ हैं।

तनाव और थकान से राहत दिलाये (Helpful in Relieving Stress and Fatigue)

पुदीने की मनमोहक खुशबू इसे प्राकृतिक उत्तेजक बनाती है। ये अकेला ही आपके मन और शरीर को एक नई ऊर्जा देने और आपके शरीर को दोबारा सक्रिय बनाने के काबिल है। यदि आप किसी वजह से परेशान हैं, तनाव में हैं, या फिर थक चुके हैं, तो ऐसे में पुदीने की पत्तियां या इसके गुणों से भरपूर तेल आपकी काफी मदद कर सकता है। यदि आप सच में इसके सकारात्मक परिणाम पाना चाहते हैं, तो रात को सोने से पहले अपने सिरहाने के नीचे पुदीने की पत्तियां रखकर सोयें और फिर इसके बाद जब आप सुबह उठेंगे तो अपने अंदर एक अलग ही ताजगी और स्फूर्ति महसूस करेंगे।

त्वचा की देखभाल करे (Skin Care)

पुदीने में मौजूद एंटीसेप्टिक गुण इसे त्वचा के लिए एक अच्छा क्लींजर बनाते हैं। इसमें त्वचा को खुजली और इंफेक्शन से बचाने के और मुँहासों की रोकथाम के गुण भी पाए जाते हैं। पुदीने के रस को अपने चेहरे पर लगाएं। यह मच्छर, मक्खी के काटने पर होने वाली जलन और सूजन से भी राहत दिलाने में मदद करता है।

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ऑयली स्किन से छुटकारा

अगर आपकी त्वचा काफी ऑयली है, तो ऐसे में पुदीने का फेश पैक आपके लिए सही रहेगा। इसे बनाने के लिए दो चम्मच पुदीने की पिसी हुई पत्तियों में दो चम्मच दही और एक चम्मच ओटमील मिलाएँ और गाढ़ा घोल तैयार कर लें। इसे चेहरे पर लगाकर 10 मिनट के लिए रहने दें। फिर चेहरा धो लें। इससे आपकी त्वचा कम ऑयली नजर आएगी और मुँहासों से भी राहत मिलेगी।

झुर्रियां कम करे

पुदीने के रस में मुल्तानी मिट्टी मिलाकर लगाने से झुर्रियां कम हो जाती हैं।