ऑलिव ऑयल हमारे सौन्दर्य को बरकरार रखने में तो माहिर है ही, इसके अलावा यह हमें स्वस्थ रखने और स्वास्थ्य-सम्बंधी समस्यों को भी दूर करने में सक्षम है। 190 डिग्री पर गर्म होने के बाद भी इसमें मौजूद गुण बरकार रहते हैं, जबकि साधारण ऑयल या रिफाइंड में मौजूद गुण समाप्त हो जाते हैं। साधारण तेल के मुकाबले गर्म होने पर इसमें से धुआं कम निकलता है, जो सेहत के लिए नुकसानदायक भी नहीं होता। विटामिन A, D, E, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन आदि जैसे गुणकारी तत्व भी इसमें प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। आइये जानते हैं किस तरह खाने में ऑलिव ऑइल का इस्तेमाल करना हमारे लिए स्वास्थ्यवर्धक है:

दिल का रखे ख्याल (Take care of your heart)

ऑलिव ऑयल दिल से संबंधी बीमारियों से दूर रखने में भी मदद करता है। इसमें वसा की मात्रा कम होती है, एंटी इंफ्लेमेटरी और इसमें एलडीएल (LDL) गुण भी भरपूर होता है, जो बैड कोलेस्ट्रॉल को घटाकर इसे गुड कोलेस्ट्रॉल में बदल देता है। यह शरीर में कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कंट्रोल करने में भी मदद करता है। ऑलिव आयल LDL (low density lipoprotein) को कम करता है और एक ही समय में HDL (high density lipoprotein) को बढ़ाता है।

स्ट्रेस करे कम

ऑलिव ऑयल में एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन E भरपूर मात्रा में पाया जाता है। यह स्ट्रेस को दूर करने में भी मदद करता है। इसमें अन्य तेलों के मुकाबले सबसे ज्यादा मात्रा में मोनोसैचुरेटेड फैट्स (फैट, जिसके कण में अनसैचुरेटेड कार्बन बॉन्ड होता है, इसे डबल बॉंन्ड भी कहते हैं) होते हैं, जो शरीर में ताजगी और स्फूर्ति का संचालन करने में मदद करते हैं और साथ ही डिप्रेशन की संभावना भी कम करते हैं।

कैंसर रोकने में मददगार (Helps to prevent cancer)

ऑलिव ऑयल में फाइटोन्यूट्रिएंट्स होता है और इसमें पाया जाने वाला तत्‍व ऑलियोकेंथल में मजबूत एंटी इफ्मेंलेटरी गुण होते हैं, जो एक तरह से पेन रिलीफ का काम करता है। स्किन और ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम को भी कम करने में सहायक है। इसमें पाया जाने वाला प्रमुख घटक हीड्रोकैटीरोसोल स्तन कैंसर को रोकने में मददगार है।

डायबीटीज के रोगियों के लिए फायदेमंद (Beneficial for diabetes patients)

ऑलिव ऑयल में सैचुरेटेड फैट न के बराबर होता है। यह शरीर में शुगर लेवल भी नियंत्रित करता है। यह कार्बोहाइड्रेट और फाइबर का अच्छा स्रोत होने के कारण यह डायबिटीज के रोगियों के लिए फायदेमंद है। डायबिटीज से पीड़ित लोगों को जैतून के तेल में पका हुआ खाना चाहिए। डायबिटीज में ट्राइग्लिसराइड के कारण दिल संबंधी विकार होने का अत्‍यधिक खतरा बना रहता है। जैतून का तेल प्रभावी ढंग से ट्राइग्लिसराइड का स्तर को कम कर सकता हैं।

कब्ज से राहत दिलाये (Relief from constipation)

ऑलिव ऑइल पाचन-सम्बंधी समस्याओं को दूर रखता है इसकी वजह से पाचन सही रहता है और कब्ज भी नहीं होता। यदि आपको अक्सर कब्ज की शिकायत बनी रहती है, तो खाने में ऑलिव ऑइल इस्तेमाल करना शुरू कर दें और असर देखें।

वजन कम करने में मददगार (Helpful in weight loss)

ऑलिव ऑइल से वजन को काफी नियंत्रित किया जा सकता है। इसके साथ ही यह भूख को भी कंट्रोल में रखता है। यदि आप अपने बढ़े हुए वजन को लेकर काफी परेशान रहते हैं, तो खाने में नियमित रूप से ऑलिव आयल का इस्तेमाल करना शुरू कर दें और खुद ही परिणाम देखें।

हड्डियों को मजबूती दे (Strengthen bones)

ऑलिव ऑइल में कैल्शियम को अवशोषित करने के गुण होते हैं और हड्डियों के लिए कैल्शियम कितना जरूरी होता है, यह तो हम सभी जानते हैं। यह ऑस्टियोपोरोसिस (एक ऐसा रोग जिसमें हड्डियाँ कमजोर हो जटिया हैं,और जिसकी वजह से फ्रेक्चर की संभावना बढ़ जाती है) जैसी बीमारी से लड़ने में मदद करता है।

लीवर से टोक्सिंस को बाहर निकाले (Remove toxins from the liver)

आज के समय के गलत खान-पान की वजह से हमारे लीवर को सबसे ज्यादा नुकसान पहुँचता है। जिसके कारण सेहत खराब होने लगती है। जैतून के तेल में बहुत ज्यादा मात्रा में मिनरल और एंटी-ऑक्सीडेंट्स मौजूद होते है। जो हमारे लीवर की आंतरिक सफाई करने में मदद करते है।

आखिर में!!!

एक कप ऑलिव ऑइल का सेवन आपके दैनिक आवश्‍यकता के फाइबर की 17 प्रतिशत जरूरत को पूरा करता है।