घर में मौजूद मसालों का कितना औषधीय महत्त्व होता है, इसका एक उदाहरण है अजवाइन (Carom Seeds)।
अजवाइन, जो हर रसोई में पाया जाता है, इसका इस्तेमाल छोटी-मोटी बीमारियों के लिए बहुत पहले से किया जाता चला आ रहा है। इसके साथ ही यदि नियमित रूप से इसका सेवन किया जाए तो ये छोटा सा बीज आपको कई तरह की गंभीर बीमारियों से भी बचा सकता है।
आयुर्वेद के अनुसार अजवाइन एक बहुत अच्छा पाचक होती है। और ज्यादातर पाचक औषधियों में इसका इस्तेमाल किया जाता है।
अजवाइन में प्रोटीन, मिनरल्स, फाइबर और भरपूर मात्रा में कार्बोहाइड्रेट पाए जाते हैं।
इसके साथ ही इसमें कैल्शियम, राइबोफ्लेविन (riboflavin), फॉस्फोरस, आयरन, नियासिन (niacin) और थिअमिन (thiamine) भी पाए जाते हैं।आइये जानते हैं किस तरह यह छोटा सा बीज आपको बड़ी-बड़ी परेशानियों से बचा सकता है:
एसिडिटी और एसिड रिफ्लक्स पर असरदार (effective on Acidity and Acid Reflux)
एसिडिटी पेट की एक ऐसी समस्या है, जिससे कोई भी नहीं बचा फिर भले ही वो छोटा सा बच्चा हो या फिर कोई बुजुर्ग। वैसे तो लोग एसिडिटी को दूर करने के लिए मार्किट में मौजूद एंटासिड (antacid) लेते हैं, लेकिन ज्यादा समय तक इन एंटासिड का इस्तेमाल करने से साइडइफेक्ट्स होना शुरू हो जाते हैं।
जब ये समस्या होना बहुत आम है, तो ऐसे में इसका क्यों ना कोई घरेलू उपचार किया जाए?
अजवाइन बहुत ही सरल और घर में मौजूद उपाय है। अजवाइन में मौजूद थाईमोल (thymol) कंपाउंड से जो द्रव्य निकलता है वो पेट का पीएच लेवल मेन्टेन करता है और एसिडिटी से बचाता है।
इसके लिए अजवाइन को समान मात्रा में जीरे (cumin seed) के साथ मिला लें या फिर अजवाइन और नमक को मिलाकर सेवन करें।
बदहजमी और कब्ज से छुटकारा दिलाए (effective in indigestion and constipation) 
जैसे कि अजवाइन ही एक ऐसा प्रोडक्ट है जिसमे थाईमोल कंपाउंड की प्रचुरता पाई जाती है और यह थाईमोल बदहजमी और कब्ज से राहत दिलाने में मददगार होता है।
इसका इस्तेमाल से अपच, जी मचलना (Nausea) और छोटे बच्चों के लिए पेट दर्द की दवा के रूप में किया जाता है। इसके कोई साइड इफेक्ट्स भी नहीं हैं।
इसके लिए 1 कप पानी में 1 चम्मच अजवाइन को तब तक उबालते रहें जब तक कि पानी आधा नहीं हो जाता। फिर इस पानी को ठंडा करके धीरे-धीरे पियें।
यदि आपका जी मचल (Nausea) रहा है तो एक पान के पत्ते में 1 चम्मच अजवाइन डालकर मुंह में दबा लें और इसे धीरे-धीरे चूसते रहें, आराम मिलेगा।
मुंह की समस्याओं पर असरदार (effective on oral problems)
दांतों के दर्द में अजवाइन को काफी असरदार पाया गया है। दांतों के दर्द और सांसों की बदबू से छुटकारा पाने के लिए ऑलिव ऑइल और अजवाइन के तेल को समान मात्रा में मिलाकर इस्तेमाल करें।
या फिर पिसी हुई अजवाइन और नमक को मिलाकर कुल्ला करने से भी आराम मिलेगा।
वजन कम करने में मददगार (helps in Weight loss)
अजवाइन में वजन कम करने के गुण भी पाए जाते हैं।
अजवाइन को पानी में भिगोकर रख दें और सुबह उठकर खाली पेट इस पानी को पी लें। और सुबह उठकर खाली पेट अजवाइन खाएं।
यह अतिरिक्त वसा को खत्म कर देगा और आपका वजन भी कम करेगा।
डायबिटीज पर असरदार (effective on Diabetes)
नीम की पत्तियों को सुखाकर इनका पाउडर बना लें। इस पाउडर को अजवाइन पाउडर और गर्म दूध के साथ मिलाकर रात को पियें।
नियमित रूप से ऐसा करने पर आपके ब्लड से ग्लूकोज कम होने के साथ-साथ डायबिटीज भी कम हो जाएगी।
दिल और शरीर को स्वस्थ रखे (get healthy heart and body)
अजवाइन की चाय पीने से शरीर में मौजूद टोक्सिंस को बाहर किया जा सकता है। यह ब्लड प्यूरीफायर की तरह कार्य करती है। इससे त्वचा और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से निजात मिलेगा और शरीर में रक्त का प्रवाह भी बढेगा।
इसके साथ ही इसमें नियासिन (Niacin), थाइमोल (Thymol) और विटामिंस होते हैं, जो दिल को स्वथ्य रखने में मदद करते हैं।

वैसे तो अजवाइन के सेवन से होने वाले फायदों की लिस्ट बहुत लंबी है, आइये संक्षेप में जानते हैं, अजवाइन के लाभ के बारे में:
*माइग्रेन के दर्द से राहत दिलाये।
*डायरिया का इलाज।
*छाछ के साथ अजवाइन और काला नमक मिलाकर पीने से बवासीर (Piles) पर असर दिखाए।
*दर्दनिवारक की तरह काम आए।
*माहवारी (periods) में होने वाली तकलीफों से राहत दिलाए।
*2 चम्मच अजवाइन को अच्छी तरह से पीसकर इसमें 4 चम्मच दही मिलाकर चेहरे पर लगाने से मुँहासों के दाग-धब्बे हल्के हो जाते हैं।
*अजवाइन पाउडर में काला नमक मिलाकर बच्चों को सोते वक़्त देने से पेट के कीड़े ख़त्म हो जाते हैं।
* इसे अच्छी तरह से चबाकर खाने से खांसी में आराम मिलता है।
*कान दर्द में आराम दे।
*सर्दी-जुकाम से राहत दिलाए।
*दमा में असरदार।

ध्यान रखें!!! यदि आप लीवर संबंधी या हाइपरएसिडिटी की समस्या से जूझ रहे हैं, तो ऐसे में अजवाइन का सेवन ना करें। सीमित मात्रा में ही इसका सेवन करें।