नीम के गुणों से शायद ही कोई अनजान हो। सदियों से नीम का इस्तेमाल एक औषधि की तरह होते चले आ रहा है। ऐसा नहीं है कि ये सिर्फ किसी बीमारी बस के लिए दवा की तरह इस्तेमाल की जा सकती है, बल्कि यदि आप चाहें तो नियमित रूप से इस्तेमाल करके अपनी सुंदरता में भी चार चाँद लगा सकती हैं। अगर आपके आस-पास नीम का पेड़ लगा हुआ है और आप इसे इस्तेमाल में लाने के तरीकों के बारे में जानना चाहते हैं, तो आइये हम आपको बताते हैं नीम के उपयोग।

दांतों के लिए (Neem for Healthy Teeth) 

ज्यादातर लोग पहले ब्रश की जगह पर नीम की दातुन का इस्तेमाल किया करते थे, लेकिन आज इस दातुन की जगह महंगे-महंगे ब्रश और टूथपेस्ट ने ले ली।  नीम, नीमबीन (nimbin) नीमबीडीन ( nimbidin) और मारगोडीन (margodin) नामक रासायनिक संगठन से बनता है जो अपने औषधिय गुणों के कारण ओरल हेल्थ के लिए बहुत अच्छा होता है। नीम की दातुन का इस्तेमाल आपको दांतों की हर समस्या से बचा सकता है। इसमें पायरिया से लड़ने के गुण भी होते हैं। नीम के दातुन का एन्टी-माइक्रोबायल (Anti-Microbial) गुण मुँह के छालों को जल्दी ठीक होने में बहुत मदद करता है और उनका बार-बार आना कम करता है।

बालों के लिए (Take Care of Your Hair With Neem)

नीम में मौजूद एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक तत्व स्कैल्प से जुड़ी हुई समस्याओं के लिए काफी असरदार हैं। जैसे कि नीम बेहद कड़वी होती है। यदि आपके बालों में जूँ हो गये हैं, तो ऐसे में नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर उस पानी से बालों को धोया जाए तो नीम के कड़वेपन से जूँ का खात्मा किया जा सकता है। इसके साथ ही नीम एक अच्छा कंडीशनर है इसके पानी से बाल धोने से बाल मुलायम हो जाते हैं और इनमें से रूसी, बालों का झड़ना और फंगस जैसी समस्याएँ भी दूर हो जाती हैं।

खून साफ़ करने में मददगार (Neem as a Blood Purifier)

खून साफ न होने के कारण चेहरे पर मुंहासे और शरीर पर फोड़े होने लगते हैं। ऐसे में यदि आप हर रोज़ सुबह उठकर नीम की चार-पांच पत्तियों को खाते हैं, तो इससे आपका खून साफ हो जाएगा। इसके साथ ही यदि नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर उस पानी से नहाने से त्वचा के सारे रोग दूर हो जाते हैं।

जलने पर असरदार (Effective in Burn Injury)

यदि जले हुए भाग पर नीम का तेल या फिर नीम तेल में नीम की पत्तियों को पीसकर लगाया जाए, तो काफी राहत मिलती है। 

एंटीसेप्टिक की तरह (As an Antiseptic)

जी हाँ… नीम के तेल में और नीम की पत्तियों में एंटीसेप्टिक गुण मौजूद होते हैं। चोट पर या कटे हुए स्थान पर इसे लगाने से टिटनेस का डर नहीं रहता।

डायबिटीज में नीम (Useful in Diabetes)

यदि आप हर रोज़ नियमित रूप से नीम की पत्तियों का सेवन करते हैं, तो डायबिटीज तो आप तक पहुँच भी नहीं सकती।नीम की छाल और मेथी पाउडर का काढ़ा बनाकर नियमित रूप से पीने से डायबिटीज में काफी राहत मिलती है।

कोलेस्ट्रोल लेवल को कम करने में मददगार (Helpful in Reducing Cholesterol level)

नीम में बैड कोलेस्ट्रोल को कम करने की शक्ति होती है। यदि आप नियमित रूप से इसका सेवन करते हैं, तो इससे आपको पॉजिटिव रिजल्ट्स ही मिलेंगे।

चेहरे की सुंदरता बनाए रखने में उपयोगी (Useful in Maintaining the Beauty of the Face)

नीम की पत्तियों में एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटीवायरल तत्व होते हैं, जो इसे त्वचा के लिए असरदार बनाते हैं।
नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर, ठंडा होने के बाद इससे मुँह धोने से पिंपल्स गायब हो जाते हैं। चेहरे पर मौजूद दाग-धब्बों को हटाने के लिए नीम की पत्तियों को पीसकर इसे चेहरे पर लगाएँ।
दाद की स्थिति में 12 से 15 नीम की पत्तियों को अच्छी तरह साफ़ कर इतनी ही तुलसी की पत्तियों के साथ पीसकर बारीक पेस्ट बना लें और दाद वाली जगह पर दिन में 3 से 4 बार लगायें। नियमित इस्तेमाल से दाद पूरी तरह ठीक हो जायेगी।
ध्यान रखें ! ! ! किसी भी चीज़ की अति हानिकारक होती है। नीम की पत्तियों का सेवन उचित मात्रा में ही करें।