हल्दी (Turmeric or Curcuma) के गुण किसी से छुपे नहीं हैं। आयुर्वेदमतानुसार, हल्दी एक नेचुरल एंटी-बैक्टीरियल, एंटीबायोटिक, सूजन-विरोधी (anti-inflammatory) और बहुत अच्छे हीलर का काम करती है। यही वजह है की हर घर में इसका उपयोग बहुत कॉमन है, फिर चाहे वो सर्दी जुकाम में हो, चोट लगने पर हो, सूजन में हो, या फिर अपने सौंदर्य को निखारने में हो। यह सभी रोगों और समस्याओं में समान रूप से लाभकारी है।

इसके इन्ही गुणों के कारण, यह जोड़ों के दर्द, आर्थराइटिस और रहउमेटोइड आर्थराइटिस में बहुत ही लाभकारी है; खासतौर पर महिलायें जो डिलीवरी के बाद या रजोनिवृत्ति (post-menopausal) या माहवारी के जाने के समय कमर दर्द, जोड़ों का दर्द और आर्थराइटिस से परेशान रहती हैं, उनके लिए यह वरदान है । इन रोगों में अधिक फायदा के लिए हल्दी के गुणों को चूना द्वारा बढ़ाया जाता है। कैसे और इसके लिए आपको क्या सामग्री चाहिए, आइये जानते हैं:

*लगभग 500gm खड़ी हल्दी (बिना कुटी हुई, turmeric roots)

*लगभग 250gm चूना (चूने के टुकड़े या पिसा हुआ चूना, दोनों में से कोई भी इस्तेमाल कर सकते हैं)

*एक बड़ा बर्तन सामग्री को डुबोने के लिए

*साफ़ पानी

प्रक्रिया

*हल्दी को सबसे पहले हल्का कूट कर मोटे मोटे टुकड़े कर लें।

*चूना अगर बड़े टुकड़ों में है तो उसे भी फोड़ कर छोटे टुकड़े कर लें।

*अब किसी गहरे बर्तन को लें, और इसमें तली में चूना डालें, इसके ऊपर हल्दी डाल दें।

*इस तरह आपको बर्तन में चूना और हल्दी की दो परत बनानी हैं, सबसे नीचे चूना और उसके ऊपर हल्दी।

*अब इस बर्तन में धीरे धीरे पानी डालना शुरू करें, और ऊपर तक भर दें। थोड़ी देर इंतज़ार करें, और जब मिश्रण पानी सोख ले तो इसमें फिर से पानी डालें और ऊपर तक भर दें।

*बर्तन को ढँक दें, और ऐसे ही छोड़ दें।

*3 से 4 दिन बाद बर्तन का ढक्कन हटायें, और बिना हिलाये सावधानी से उसके ऊपर जो साफ़ पानी जमा है उसे किसी दूसरे बर्तन में निथार लें।

*अब मिश्रण को अच्छी तरह हिलायें और पानी डालकर फिर से 3 से 4 दिनों के लिए ढँक कर रख दें।

*इस तरह से यह प्रक्रिया लगभग 3 हफ्ते तक दोहरायें; ऊपर का साफ़ पानी किसी अन्य बर्तन में निथार लें और अतिरिक्त पानी ऊपर से डालकर मिश्रण का बर्तन ढँक दें।

*लगभग 3 हफ्ते बाद हल्दी के टुकड़ों को चूने में से छाँटकर अलग कर लें और धूप में सुखा लें।

*जब यह अच्छी तरह सूख जायें तो मिक्सर में पीस कर बारीक पाउडर बना लें और किसी एयरटाइट डिब्बे में रख लें।

इस तरह प्रक्रिया में आपको दो चीज़ें मिलती हैं; 1) हल्दी और चूना युक्त पानी 2) चूना युक्त हल्दी पाउडर

हल्दी और चूना युक्त पानी का इस्तेमाल और फायदे

यह पानी कई गुणों से भरपूर होता है जिसमें हल्दी के औषधीय गुण और चूने का कैल्शियम अत्यन्त उच्च मात्रा में होते हैं। अगर आप जोड़ों के दर्द से परेशान हैं, कमर दर्द की शिकायत रहती हो या फिर महिलायें रजोनिवृत्ति के समय होने वाले लक्षण जैसे पैर के तलुओं में जलन, घुटनों के जोड़ों में जलन, कमजोरी, हाथ पैरों में दर्द से परेशान हैं तो रोज़ सुबह खाली पेट लगभग एक कप यह पानी पियें। आप चाहें तो इसे हल्का गर्म कर इसमें शहद और नीम्बू भी मिला सकती/ते हैं। इस तरह से यह आपको वजन कम करने में भी सहायक होगा। अगर किसी वजह से आप इसे सुबह न ले पायें तो दिन में किसी भी समय खाली पेट लें और लगभग 30 से 45 मिनिट कुछ न खायें।

चूना युक्त हल्दी पाउडर:

यह चूना युक्त हल्दी पाउडर, सामान्य हल्दी पाउडर की तुलना में अत्यन्त गुणकारी होता है। इसे आप गरम पानी, शहद या गर्म दूध में मिलाकर इस्तेमाल कर सकते/ती हैं। यह सभी प्रकार के हड्डी, जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द में विशेष लाभकारी है। अत्यन्त दर्द की अवस्था में इस पाउडर में थोड़ा सा एलोवेरा जेल और घी मिलायें और दर्द वाली जगह पर हलके हाथों से मालिश करें, बहुत फायदा होगा।

ध्यान रखें ! ! !

अगर आपको पहले कभी पथरी रही हो तो इस पानी का सेवन बगैर चिकित्सीय सलाह के न करें। साथ ही इसकी दिन में एक निश्चित मात्रा अर्थात 4 से 5gm (पाउडर के रूप में) और 1 से 11/2 कप (पानी के रूप में) ही लें। एक बार में 4 से 6 हफ़्तों से ज्यादा इस्तेमाल न करें। अगर आपको फायदा लगता है तो बीच में 1 महीने का गैप दें और फिर से 4 से 6 हफ़्तों के लिए इस्तेमाल करें।